Home Top Ad

Review master

नवरात्रों की कथा जानी कैसे हुई मां दुर्गा की उत्पत्ति क्या है नवरात्रों की वास्तविकता.

Share:

नवरात्रों की कथा व देवी मां की उत्पत्ति की पौराणिक कथा

क्या आपको पता है कि नवरात्रि हम क्यों मनाते हैं आखिरकार कैसी मां दुर्गा कि नवरात्रि मनाने का प्रचलन शुरू हुआ और मां दुर्गा की जन्म की पौराणिक कथा क्या है कहती मां दुर्गा उत्पत्ति हुई और देवी मां को क्यों नवरात्रों में खुश करना आसान है अगर आप सभी प्रश्नों के उत्तर नहीं जानते तो आज हम आपको विस्तार से इनके बारे में बताने वाले हैं.

2020 में नवरात्रि कब है

17 अक्टूबर से 2020 में नवरात्रों का पावन अवसर शुरू होने जा रहा है उससे पहले आपको यह पता होना बहुत ही जरूरी है कि हम देवी मां की आराधना क्यों करते हैं और देवी माता की उत्पत्ति की पौराणिक कथा क्या है

सभी देवताओं ने अपनी शक्ति को एकत्रित करके एक शक्ति को उत्पन्न किया जिसे दिव्य शक्ति  कहां गया इस शक्ति के अंश को देवी दुर्गा के रूप में माना गया बहुत कम ही लोग जानते हैं कि देवी मां के पास इतनी शक्ति और अस्त्र-शस्त्र कहां से आए आज हम आपको बताने वाले हैं कि देवी दुर्गा की उत्पत्ति होने के बावजूद देवी शक्ति को बनाने का मकसद क्या रहा था.




पुराणों के अनुसार देवी मां की उत्पत्ति कैसे हुई

पुराणों में उल्लेख है कि मानव 

मानव ही नहीं बल्कि देवता भी असुरों की शक्ति से परेशान थे इसी कारण सभी देवताओं ने इकट्ठा होकर वर्मा जी से असुरों के विनाश का समाधान पूछा तो ब्रह्मा जी ने बताया कि दत्तराज का वध एक कुंवारी कन्या के हाथों हो सकता है इसके बाद सभी देवताओं ने इकट्ठा होकर अपने तेज को एकत्रित किया और एक कुंवारी कन्या का जन्म हुआ जिसे देवी शक्ति कहां गया सभी देवगन की शक्ति से बना देवी शक्ति का शरीर सभी देवताओं की अपने गुणों के साथ उत्पन्न हुआ जिसमें सभी देवताओं की शक्ति मौजूद थी.

भगवान शिव की शक्ति से देवी मां का मुख उत्पन्न हुआ भगवान श्री हरि की शक्ति है देवी मां की भुजाएं उत्पन्न हुई और परमपिता ब्रह्मदेव की शक्ति से मां देवी के चरण उत्पन्न हुए यमराज के तेज से केस और मस्तक उत्पन्न हुआ चंद्रमा के तेज से सतन सूर्य की तेज से सभी उंगलियां वरुण के तेज से कान और अन्य देवताओं के तेज से मां देवी का अन्य शरीर बना

किसने दिए देवी मां को अस्त्र-शस्त्र

 देवी मां के जन्म के बाद अब देवी कन्या को सभी शक्तियां और अस्त्र-शस्त्र देने के लिए सभी देवताओं ने अपने प्रमुख अस्त्र-शस्त्र देवी मां को समर्पित किए शिव ने त्रिशूल श्री हरि ने सुदर्शन हनुमान ने गधा अग्नि ने शक्तिमान वरुण ने दिव्य संघ प्रजापति ने मणियों की माला श्री राम ने धनुष इंद्र ने बाजार शेषनाग ने मणियों से सुशोभित नाग लक्ष्मी ने कमल का फूल इन सभी अस्त्र शस्त्रों के साथ मां देवी ने अपने अट्ठारह हाथों में धारण करके एक विराट रूप का निर्माण किया.

मां दुर्गा को आदिशक्ति क्यों कहा जाता है.

 इन सभी देवताओं की शक्तियों का एक संग्रह होने के कारण मां देवी इतनी बड़ी शक्ति बन गई की इनकी मुकाबले की दूसरी कोई भी शक्ति नहीं थी इस विराट रूप के कारण असुर भयभीत होने लगे और मां दुर्गा ने असुरों पर विजय पाई इन्हीं सभी शक्तियों के संयोजन के कारण मां शक्ति को आदिशक्ति भी कहा जाता है


No comments