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हाथरस कांड में खुफिया एजेंसी ने किया चौंकाने वाला खुलासा हाथरस में 100 करोड़ की फंडिंग.

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 हाथरस मामले की खुफिया जांच में हुआ बड़ा खुलासा.

हाथरस मामले में योगी सरकार चारों तरफ से गिरी हुई नजर आई परंतु आज खुफिया विभाग ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है जिसमें सारे विपक्षी को कटघरे में खड़ा कर दिया है खुफिया एजेंसी ने बताया कि सरकार को गिरने के लिए हाथरस कांड की साजिश रची गई और साजिश के लिए करोड़ों रुपए की फंडिंग हुई.



षड्यंत्र कारों पर  दर्ज हुआ मुकदमा

रविवार दिनांक 4 अक्टूबर 2020 को साजिश के तहत चलाए गए हाथरस कांड की खुफिया जांच करते हुए विभिन्न धाराओं के तहत दें FIR दर्ज हुई जो हाथरस के कांड में फंडिंग से संबंधित सभी पहलुओं की जांच करेगी खुफिया जांच के अनुसार प्रदेश में राजनीतिक कारणों के चलते देश की शांति को भंग करने के लिए जातीय और सांप्रदायिक हिंसा भड़काने की कोशिश की गई और पैसों की फंडिंग करके हाथरस की घटना को राजनीति के लिए इस्तेमाल किया गया. 

CAA की तरज पर हुई दंगों के लिए फंडिंग.

खुफिया विभाग की जांच में सामने आया कि हाथरस कांड के लिए करोड़ों रुपए की फंडिंग हुई और प्रदेश सरकार को बदनाम करने के लिए caA की तर्ज पर पैसों की फंडिंग का मामला विपक्ष के तहत किया गया है.

हाथरस कांड दंगे भड़काने की हुई फंडिंग

दंगे भड़काने के लिए पीड़िता कि जीव काटना व गैंग रेप करना और रीड की हड्डी तोड़ ना जैसे अंग भंग करने की झूठी अफवाह फैलाई गई और पीएफआई और एसडीपीआई और सरकार के निशाने पर रहे माफियाओं की मिलीभगत की पुष्टि हुई है शुरुआती सबूतों में पाया गया कि योगी सरकार को बदनाम करने के लिए 100 करोड से अधिक रुपए की फंडिंग की गई है हाथरस पांडू को झूठी अफवाहों के सारे राजनीतिक मुद्दा बनाने के लिए विपक्षी दलों द्वारा की गई फंडिंग भी सामने आई है जो षड्यंत्र के तहत हाथरस की घटना को गैंगरेप में संयोजित किया गया.

एक ऑडियो टेप सामने आया है जिसमें हाथरस कांड को संयोजित रूप से बनाया गया मुद्दा नजर आ रहा है इसलिए ऑडियो टेप की फॉरेंसिक जांच शुरू हो चुकी है रिपोर्ट आने पर साफ हो जाएगा कि किन किन दलों का हाथरस  की घटना उत्पन्न करने में हाथ है.

इन्हीं के पीछे पीड़ित परिवार की तरफ से नारकोटेस्ट और सीबीआई जांच न करने की मांग उठाई जा रही है इससे यह भी शक पैदा होता है कि पीड़ित परिवार का इस मामले में कुछ षड्यंत्र तो नहीं है.

कैसे मिलेगा पीड़िता को इंसाफ.

अब देखना यह बाकी है कि जांच में क्या पुष्टि होती है कि पीड़ित परिवार द्वारा यह घटना पर आयोजित की गई या वास्तविक में गैंगरेप के दरिंदों को फांसी का रास्ता पीड़िता को इंसाफ दिलाएगा.


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