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डॉक्टरों ने जताई चिंता सर्दियों में हो सकता है कोरोनावायरस का तांडव.

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कोरोनावायरस का सर्दी के मौसम में लोगों पर क्या प्रभाव पड़ेगा

2019 की सर्दियों में शुरू हुआ यह कोरोनावायरस अब 2020 की सर्दियों के लिए भी काफी चिंता का विषय बना हुआ है वैज्ञानिकों की एक टीम ने सर्दियों को लेकर कोरोनावायरस की एक नई विशेष जांच की है जिसमें उन्होंने पता लगाया है कि कोरोनावायरस के पनपने के लिए सबसे अच्छा तापमान है वह 8 डिग्री है अगर 29 डिग्री से ज्यादा तापमान वाले इलाके कोरोनावायरस की वजह से कम ग्रस्त हुए हैं तो सर्दियों में यह एक बहुत ही चिंता का विषय है कि देश भर के सभी राज्यों में तापमान 10 डिग्री से नीचे रहेगा और जो कोरोनावायरस को लेकर बहुत ही भयानक साबित हो सकता है.



क्या है सर्दियों में कोरोना का भविष्य.

 2019 2020 की सर्दियों में जो कोरोनावायरस चीन से शुरू होकर दुनिया के सभी देशों में अपनी जगह बनाने में कामयाब हो गया वह 2020 और 21 की सर्दियों में विश्व के लिए बहुत ही हानिकारक हो सकता है पिछले अध्ययन के अनुसार आज तक जो भी महामारी विश्व को प्रभावित कर चुकी है वह ज्यादातर अक्टूबर से जनवरी फरवरी तक की सबसे ज्यादा प्रभावशाली रहेगी इस हिसाब से अगर देखा जाए तो महामारी के परखने के लिए सबसे ज्यादा जो तापमान रहता है वह सर्दियों में ही रहता है और श्वास संबंधी बीमारियों के लिए भी सर्दियों का मौसम सबसे ज्यादा हानिकारक होता है इसीलिए हाजिर से देखा जाए तो कोरोनावायरस भी एक रेस्पिरेट्री डिजीज है जो सर्दियों में भी ज्यादा क्रियाशील हो सकती है और मानव जाति के लिए यह काफी हानिकारक भी साबित हो सकती है.

क्या कहता है अब तक का आकलन

अगर तापमान के आकलन की बात करें तो चीन में जो इलाके सबसे ज्यादा ठंडे थे वहां पर कोरोनावायरस का प्रकोप सर्दियों में सबसे ज्यादा रहा और विश्व भर में जो देश 10 डिग्री के तापमान से नीचे रहे उनमें मृत्यु दर भी अधिक तापमान वाले देश से ज्यादा रही है बात करें अगर भारत की तो भारत के ठंडे इलाकों में भी मृत्यु दर भारत के अन्य राज्य से ज्यादा रही है.

2020-21 ठंड कोरोना का अंतिम मौसम

कुछ विश्लेषकों का मानना है कि कोरोनावायरस 2020 और 21 की सर्दियों की शुरुआत से ही खत्म होना आरंभ हो जाएगा और 2021 के आते-आते कोरोनावायरस इन समाप्त होने की कगार पर आ जाएगा क्योंकि कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ वायरस हो कि या कुछ बैक्टीरिया की एक ही जीवन काल अवधि होती है जो वह पूरी कर देता है तो नष्ट अपने आप भी हो जाता है और कोरोनावायरस भी उन लोगों में से ही है जो 1 वर्ष या 1 वर्ष के अंतराल में अपने आप को नष्ट कर लेते हैं.

कोरोनावायरस की समाप्ति की कितनी सच्चाई है.

अब देखना यह बाकी है कि कोरोनावायरस समाप्त होगा या अपना प्रकोप और अधिक दिखाएगा वैसे तो डॉक्टरों का मानना है कि कोरोनावायरस का संक्रमण जिस व्यक्ति में फैलता है अगर वह व्यक्ति किसी और दूसरी बीमारी से ग्रस्त नहीं है तो उसकी रिकवरी बहुत जल्दी हो जाएगी और जो व्यक्ति किसी भयानक बीमारी से ग्रस्त है वह कोरोनावायरस से लड़ने में सक्षम नहीं हो पाता जिसकी वजह से उनकी मृत्यु हो जाती है परंतु अभी भी यह प्रश्न बना हुआ है कि कोरोनावायरस हो सकता है या नहीं तो वैज्ञानिकों की मानें तो कोरोनावायरस शायद कभी भी माफ नहीं होगा परंतु कोरोनावायरस की जाने से इसका प्रभाव मानव या अन्य जीवो पर कम देखने को मिलेगा और वैसे भी कोरोनावायरस कि एंटीबॉडी मानव शरीर में निर्मित होनी शुरू हो गई है जो बिना किसी की भी कोरोनावायरस को समाप्त करने में सक्षम होगी जो आने वाली जनों में कोरोना वायरस के संक्रमण से लड़ने में मददगार होगी और प्रभाव देखने को मिलेगा. 

क्या करें अगर आपको पुराना बस में करना हो जाए तो

अगर आपको कोरोनावायरस खत्म करो और मैसेज को तो आप घरेलू नुस्खा या अपने शरीर की एक थोड़ी सी केयर करके भी कोरोना वायरस के संक्रमण से बच सकते हैं और अपने आप को बहुत जल्दी रिकवर कर सकेंगे आप  कोरोनावायरस से लड़ने के लिए अपने शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का कार्य करें ताकि आपके शरीर में कोरोनावायरस के संक्रमण से लड़ने के लिए ताकत आज के आपको अपनी डाइट में सिरप कुछ खट्टी चीजें या विटामिन सी के पदार्थ शामिल करने हैं जो आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा देंगे और आप किसी भी वायरस है या जीवाणु से लड़ने में सक्षम हो जाएंगे अगर आपके शरीर में भरपूर मात्रा में विटामिन सी और रोग प्रतिरोधक क्षमता होगी तो आपको किसी भी प्रकार की कोई भी बीमारी परेशान नहीं कर सकती.

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